Saturday, 11 April 2015

एक्सप्रेस वे पर खौफनाक हादसा, देखकर उड़ जाएंगे होश

आगरा थाना बल्देव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे पर चालक को झपकी आने से एंबुलेंस डिवाइडर से टकराने के बाद हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। दिल्ली के रहने वाले सुरेश अपने बेटे की शादी के एक महीने बाद पहली बार गांव बहू को लेकर जा रहे थे।

यहां पर शीतला माता के मंदिर में दर्शन करने के साथ 11 अप्रैल को दावत का कार्यक्रम रखा था। मगर उससे पहले ही परिवार हादसे का शिकार हो गया। गांव में कोहराम मच गया। दिल्ली से भी रिश्तेदार एसएन इमरजेंसी पहुंच गए।

नई दिल्ली के संगम विहार कालोनी निवासी सुरेश चौहान (55) मूलरूप से नरायनपुर, टोडरपुर (बेवर), मैनपुरी के रहने वाले हैं। वह मकान तोड़ने का काम ठेके पर करते हैं। गांव में पुश्तैनी मकान में सुरेश की बहन गुड्डी रहती हैं।

बहू से करानी थी शीतला माता के मंदिर में पूजा

उनके भांजे अमित ने बताया कि सुरेश के बेटे अमन की शादी नौ मार्च को सुमन से हुई थी। शादी के एक महीने बाद गांव में 11 मार्च को कार्यक्रम रखा था। बहू को शीतला माता के दर्शन भी कराने थे। रात तकरीबन दो बजे दिल्ली से यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते होते हुए मैनपुरी जा रहे थे।

सुरेश की पत्नी सावित्री, बेटा अमन और उसकी पत्नी सुमन (24), बेटा विशाल (15), बेटी एकता (16), अमित पुत्र नेकसेलाल, ममता (35) पत्नी राजेश निवासी कुशमरा किशनी, उसका बेटा आदित्य (8), बेटी तनीशा (7), तान्या (6) सहित 11 लोग मैनपुरी के लिए चले थे।

शुक्रवार तड़के चार बजे गाड़ी सड़क की पुलिया में जा घुसी। दिल्ली में भी घटना की जानकारी पर काफी संख्या में पड़ोसी और अन्य लोग आगरा पहुंचें। दोपहर में घायलों को अपने साथ ले गए। मृतक राजेश भी सुरेश का भांजा है।

बच्चों को नहीं बताया

हादसे में सास-बहू सहित तीन लोगों की मौत हो गई। एकता और विशाल को मां सावित्री और भाभी सुमन की मौत के बारे में रिश्तेदारों ने नहीं बताया। अस्पताल पहुंचने वाले लोगों से दोनों अन्य लोगों के सही सलामत होने के बारे में पूछते।

मदद को नहीं आया कोई
घायल अमित ने बताया कि हादसे के बाद काफी देर तक उन्हें होश नहीं रहा, जब होश आया तो सभी लोग दर्द से कराह रहे थे। इसके बावजूद उनकी मदद के लिए किसी ने गाड़ी नहीं रोकी। एक्सप्रेस वे से वाहन निकलते रहे। तकरीबन आधा घंटे बाद कुछ लोग पहुंचे। बाद में पुलिस भी आ गई। तब उन्हें गाड़ी से बाहर निकाला गया। इसके बाद अस्पताल पहुंचाने में भी काफी देर हुई।

रिश्तेदार भी देर से पहुंचे

घटना तड़के हुई थी। इस कारण परिवार के लोगों को सूचना देने में देरी हुई। इसके बाद रिश्तेदार भी दिल्ली और मैनपुरी से दोपहर तक ही आ सके। इस कारण एसएन इमरजेंसी में डाक्टर और स्टाफ ने तीमारदारी की। 

गांव में पूरी कर ली थी तैयारियां
गांव में दावत की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। परिवारीजनों ने बताया कि गांव में बैंड भी कर रखा था। जब बहू गांव में कदम रखती तो बैंड बजाया जाता। क्योंकि वह पहली बार जा रही थी।

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