गंभीर ने कहाकि, उन्होंने रेडियो पर आइस हॉकी टीम की अपील सुनी और अपने ट्रस्ट "गौतम गंभीर फाउंडेशन के जरिए उनकी मदद करने का निर्णय किया। देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाडियों का ऎसा नहीं होना चाहिए। यह शर्मनाक बात है। चाहे जो खेल हो वे भी टीम इंडिया ही कहलाएंगे। उन्होंने कोलकाता के सिटी मॉल में आइस हॉकी टीम के कप्तान सेवांग ग्यालतसन को चार लाख रूपये का चैक दिया।
कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गंभीर ने कहाकि, मैं हमेशा साथी खिलाड़ी की मदद करना चाहता था फिर चाहे जो खेल हो। हम आइस हॉकी के बारे में ज्यादा नहीं जानते क्योंकि सर्दी आधारित खेल है। लेकिन इसे देखने का अलग मजा है। वहीं आइस हॉकी टीम के कप्तान सेवांग ने कहाकि, यह हमारे लिए बड़ा मौका है। मैं पहली बार टीम का कप्तान बना हूं और हमें अच्छे प्रदर्शन का विश्वास है।
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