Wednesday, 1 April 2015

APP ने बचाया RAPE: राजधानी एक्सप्रेस से पकड़ा सेना का लांसनायक

नई दिल्ली से बिलासपुर जा रही 22442 राजधानी एक्सप्रेस में 25 साल की युवती के साथ सेना के लांसनायक कमलेश प्रसाद ने छेड़खानी की। इस पर युवती ने लांसनायक का फोटो खींचकर जीआरपी हेल्पलाइन एप पर भेज दिया और दो घंटे के भीतर ही लांसनायक पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

मैं आपको छूना चाहता हूं
युवती राजधानी एक्सप्रेस से नई दिल्ली से बिलासपुर जा रही थी। उसके साथ छोटा बेटा था। घटना ट्रेन के बी-2 कोच में घटी। उसी कोच में बैठे सेना के लांसनायक ने पहले ट्रेन में शराब पी। उसके बाद वे युवती के पास गए और कहने लगे कि, क्या मैं आपको छू सकता हूं। जब उसने विरोध किया तो वह उसके पास ही बैठ गया और छेड़खानी करने लगा। युवती के मोबाइल में जीआरपी हेल्पलाइन एप डाउनलोड था। उसने अपने मोबाइल से फोटो खींचा और एप पर अपलोड कर दिया।

एक्शन में आई टीम
जैसे ही यह जानकारी कंट्रोल रूम में पहुंची तो भोपाल जीआरपी थाने के टीआई दुष्यंत जोशी ने युवती को फोन लगाया और कहा कि वह चिंता न करे। राजधानी एक्सप्रेस झांसी के बाद सीधे भोपाल रुकती है। ट्रेन भोपाल स्टेशन पर मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात 1 बजे आई। पहले से ही तैनात पुलिस ने कोच से लांसनायक को उतारा और ट्रेन में ही युवती की एफआईआर लिखी। उसके बाद जीरो पर मामला पंजीबद्ध कर बीना जीआरपी थाने को भेज दिया गया।

रात में हुआ मेडिकल
अारोपी को रात में 1 बजे ट्रेन से उतारा गया और मेडि़कल किया गया। मेडीकल में शराब पीना आया। आरोपी लांसनायक कमलेश, मितम रेजीमेंट, सीआर 56, आंध्रप्रदेश में पदस्थ है।

राजधानी और प्रीमियम ट्रेनों में मिलती है शराब
ट्रेन के एसी कोच में शराब पीकर लोगों को परेशान करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इस बारे में रेल डीजी मैथिलीशरण गुप्त बताते हैं कि ट्रेन के एसी कोच में सुरक्षा कर्मियों को जाने की एंट्री नहीं होती है। राजधानी और ऐसी ही प्रीमियम ट्रेनों में व्यवस्था कोच सुपरिडेंट के हवाले होती है। वे खुद शराब पीते हैं जो जो अटेंडेंट उपलब्ध कराते हैं। यही अटेंडेंट रसूखदार यात्रियों को ट्रेन में शराब उपलब्ध कराते हैं।

एप से पकड़ में आया छेड़खानी करने वाला सैनिक
राजधानी एक्सप्रेस में छेड़खानी का मामला जीअारपी हेल्पलाइन एप की मदद से पकड़ में आया है। हमारी टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। रेल यात्रा को सुरक्षित करने के लिए हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
मैथिलीशरण गुप्त, स्पेशल डीजी, रेल पुलिस

No comments:

Post a Comment

Ads Inside Post