दिल्ली सरकार ने पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि पुलिस में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की पॉलिसी क्या है? पॉलिसी की कॉपी दें।
यह भी बताएं कि अभी कहां कौन एसएचओ या टीआई तैनात है और कब से? वहीं वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में भी बताएं कि कार्यकाल पूरा करने के बावजूद कौन अधिकारी उसी जगह टिके हुए हैं?
आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली नई चिट्ठी से दिल्ली पुलिस व गृह मंत्रालय के साथ टकराव बढ़ने की नौबत आती दिख रही है। क्योंकि इससे पहले मंगलवार को हुई राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में ट्रैफिक पुलिस से ज्यादातर परमिट शर्तों के उल्लंघन पर ऑटो-टैक्सी परमिट निलंबन का अधिकार वापस ले लिया है। पिछले कार्यकाल में दो पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर रेल भवन के सामने सरकार में रहते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल व उनकी कैबिनेट ने धरना भी दिया था।
वहीं हल्के से थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए आर्थिक सहायता, पुलिस कॉलोनी में सुधार और कल्याण के लिए दिल्ली सरकार क्या सहायता कर सकती है? अगर केंद्र सरकार के पास कोई मामला लंबित है और सरकार के स्तर पर मामला उठाया जाना है तो बताएं।
सरकार ने चिट्ठी में यह भी साफ किया है कि राष्ट्रपति की तरफ से 24 सितंबर, 1998 में जारी अधिसूचना के आधार पर सूचना मांग रही है। उस अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल पुलिस के मामले में मुख्यमंत्री से सलाह मशविरा करके शक्तियों को अंजाम देंगे।
यह भी बताएं कि अभी कहां कौन एसएचओ या टीआई तैनात है और कब से? वहीं वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में भी बताएं कि कार्यकाल पूरा करने के बावजूद कौन अधिकारी उसी जगह टिके हुए हैं?
आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली नई चिट्ठी से दिल्ली पुलिस व गृह मंत्रालय के साथ टकराव बढ़ने की नौबत आती दिख रही है। क्योंकि इससे पहले मंगलवार को हुई राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में ट्रैफिक पुलिस से ज्यादातर परमिट शर्तों के उल्लंघन पर ऑटो-टैक्सी परमिट निलंबन का अधिकार वापस ले लिया है। पिछले कार्यकाल में दो पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर रेल भवन के सामने सरकार में रहते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल व उनकी कैबिनेट ने धरना भी दिया था।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए गए हैं। जहां एसएचओ और टीआई ट्रांसफर, पुलिस कॉलोनी की बदहाली, एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी और पुलिस सुधार लागू नहीं करने, बीट कांस्टेबल से संपर्क में दिक्कत का जिक्र किया गया है।
वहीं हल्के से थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए आर्थिक सहायता, पुलिस कॉलोनी में सुधार और कल्याण के लिए दिल्ली सरकार क्या सहायता कर सकती है? अगर केंद्र सरकार के पास कोई मामला लंबित है और सरकार के स्तर पर मामला उठाया जाना है तो बताएं।
सरकार ने चिट्ठी में यह भी साफ किया है कि राष्ट्रपति की तरफ से 24 सितंबर, 1998 में जारी अधिसूचना के आधार पर सूचना मांग रही है। उस अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल पुलिस के मामले में मुख्यमंत्री से सलाह मशविरा करके शक्तियों को अंजाम देंगे।
महिला सुरक्षा को लेकर ब्लैक स्पॉट बताएं ताकि सीसीटीवी लगाने और स्ट्रीट लाइट्स लगाने का काम हो सके।
थाने में एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की मॉनिटरिंग के लिए सरकार अपने खर्च पर सीसीटीवी लगवाने को तैयार।
बीट कांस्टेबल से संपर्क करने में लोगों को परेशानी होती है, इसलिए उनके संपर्क नंबर और अन्य सूचनाएं प्रदर्शित करें।
.पुलिस कॉलोनियों की खस्ता हालत सुधारने के लिए पुलिस ने क्या किया, दिल्ली सरकार क्या सहायता कर सकती है।
.2006 में प्रकाश सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस सुधार के जो आदेश दिए थे, उसमें दिल्ली पुलिस ने क्या-क्या लागू किए।
.एसएचओ, टीआई की ट्रांसफर पॉलिसी क्या है, लंबे समय से कौन-कौन लोग एक ही जगह टिके हुए हैं।
थाने में एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की मॉनिटरिंग के लिए सरकार अपने खर्च पर सीसीटीवी लगवाने को तैयार।
बीट कांस्टेबल से संपर्क करने में लोगों को परेशानी होती है, इसलिए उनके संपर्क नंबर और अन्य सूचनाएं प्रदर्शित करें।
.पुलिस कॉलोनियों की खस्ता हालत सुधारने के लिए पुलिस ने क्या किया, दिल्ली सरकार क्या सहायता कर सकती है।
.2006 में प्रकाश सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस सुधार के जो आदेश दिए थे, उसमें दिल्ली पुलिस ने क्या-क्या लागू किए।
.एसएचओ, टीआई की ट्रांसफर पॉलिसी क्या है, लंबे समय से कौन-कौन लोग एक ही जगह टिके हुए हैं।

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