Wednesday, 1 April 2015

बिजली की दशा नहीं सुधरी तो नीतीश नहीं मांगेंगे वोट

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि यदि वह राज्य में बिजली की दशा नहीं सुधार सके तो इस वर्ष के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव में वोट नहीं मांगेंगे.
नीतीश कुमार ने फेसबुक पर अपने सबसे अद्यतन पोस्ट में कहा है कि वह तीन वर्ष पहले किए गए बिजली की दशा सुधारने और गांव में बिजली मुहैया कराने के अपने वादे पर आज भी कायम हैं.
जनता दल-युनाइटेड के नेता ने तीन वर्ष पहले बिहार दिवस की याद दिलाई है जिसमें उन्होंने इस दिशा में बड़े पैमाने पर काम शुरू किया था और 2015 के चुनाव से पहले पूरा करने का वादा किया था. उस समय उन्होंने कहा था, “यदि बिहार में हर गांव को 2015 तक बिजली मुहैया कराने में हम विफल रहे तो अगले विधानसभा चुनाव में मैं लोगों से वोट देने के लिए नहीं कहूंगा.”
उधर बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आज कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश के वित्तीय मामलों को लेकर प्रधानमंत्री से शीघ्र ही मुलाकात करेंगे.
बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2015-16 के वित्तीय बजट पर वाद-विवाद के बाद आज सरकार की ओर जवाब देते हुए बिजेंद्र यादव ने कहा कि बकाया वित्तीय मामलों को लेकर मुख्यमंत्री जल्द ही प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे.
उन्होंने कहा कि सरकारी मामलों पर विचार-विमर्श करने के लिए सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत संबंध आडे नहीं आना चाहिए. जहां तक नीतीश और मोदी का सवाल है, दोनों नेता एक दूसरे से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर मिलेंगे.
बिजेंद्र ने केंद्र की राजग सरकार पर आर्थिक रूप से कमजोर और पिछडे राज्य बिहार के लिए आठ योजनाओं जिसमें सर्व शिक्षा अभियान, मध्याह्न भोजन, बीआरजीएफ और ऊर्जा के क्षेत्र से जुड़ी योजनओं की राशि में 10 से 12 हजार करोड़ रूपये की कटौती कर देने का आरोप लगाया.

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