Sunday, 29 March 2015

ली के अंतिम संस्कार में पहुंचे PM मोदी: PHOTOS में कुआन के पहले और बाद का सिंगापुर

 
विश्व के कई नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगापुर के पहले पीएम ली कुआन यू के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी शनिवार की रात ही सिंगापुर पहुंच गए हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई पीएम टोनी एबॉट, जापान के पीएम शिंजे अबे और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी मौजूद रहेंगे। निमोनिया से पीड़ित ली का सोमवार को 91 वर्ष की उम्र में एक अस्पताल में निधन हो गया था।
भारत रविवार को आधिकारिक शोक मनाएगा। अंत्येष्टि के लिए ली का शव दोपहर 12.30 बजे सिंगापुर के संसद भवन से निकाला जाएगा। पार्थिव शरीर को नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (एयूएस) स्थित यूनिवर्सिटी कल्चरर सेंटर (यूसीसी) ले जाया जाएगा, जहां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी जाएगी। ली सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री थे। वह 1965 से 1990 तक देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन रहे थे।ली की अंतिम यात्रा में शामिल होने के अलावा पीएम मोदी सिंगापुर के डिप्टी पीएम थारमैन शन्मुगार्टनम और पूर्व पीएम गोह चोक तोंग से मुलाकात और रविवार को ही दिल्ली लौट आएंगे। पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और कई अन्य राजनयिक भी गए हैं। सिंगापुर से लौटने के बाद पीएम मोदी 9 अप्रैल से शुरू हो रहे यूरोप, जर्मनी और कनाडा के 9 दिवसीय दौरे के लिए तैयारियां शुरू कर देंगे। शनिवार को पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ''यूरोप, जर्मनी और कनाडा दौरे के दौरान मेरा ध्यान भारत की अर्थव्यवस्था पर फोकस रखना होगा और युवी पीढ़ी के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना होगा।''
ली के अंतिम संस्कार में 23 देशों के नेता शामिल हो रहे हैं 
सिंगापुर सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ली की अंतिम यात्रा में 23 देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम होग्यू, इजरायल के प्रेसिडेंट रेवेन रिवलिन और रूस के डिप्टी पीएम इगोर शावालोव विश्व के बड़े नेताओं में शामिल होंगे।
ली कुआन यू- एक नजर में 
* ली कुआन यू का जन्म सिंगापुर में 16 सितंबर 1923 में हुआ था, उस वक्त ब्रिटेन का शासन था। 
*1942-1945 तक लीन ने वायर रिपोर्ट्स के ट्रैंसाइबर के रूप में जापान में काम किया। 
* कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की और फर्स्ट क्लास ऑनर्स में दो डिग्री हासिल की। 
* 1949- वापस सिंगापुर लौटे। 
* जब 1954 में पीपुल्स एक्शन पार्टी का गठन हुआ तो वह महासचिव बने।
* ली तीन जनरल इलेक्शन के जरिए 1959 से सिंगापुर सरकार के प्रमुख रहे। 
* ली ने तीन बार भारत का दौरा किया।
ली के मशहूर बयान
*सिंगापुर को समझने के लिए सबसे पहले आपको असंभव कहानी से शुरुआत करनी होगी। ऐसा एकदम संभव नहीं था, हमारे पास बेस, स्पेस या संसाधन कुछ भी नहीं था।
* अचानक, हम अपने पैरों पर खड़े हो गए...हांगकांग ब्रिटिश या चीनी संरक्षण में चलता रहा और हमने छोटे से सिंगापुर को शासित करना शुरू किया और आगे बढ़े। (1965)
* यदि कोई अंतरराष्ट्रीय कानून व्यवस्था नहीं होगी तो बड़ी मछलियां छोटी मछलिओं को खा जाएंगी और छोटी मछलियां श्रिम्प्स को खा जाएंगीं, हमारा अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
* न्यूयॉर्क टाइम्स को 2007 में दिए इंटरव्यू में ली ने इसका उल्लेख किया था। तब उन्होंने ध्यान दिलाया था, 'हमारे पास राष्ट्र होने के लिए जरूरी प्राथमिक चीजें नहीं हैं। एक जैसी आबादी, समान भाषा, समान संस्कृति और समान नियति। हमारे पास कुछ भी नहीं था।' इसकी बजाय इसके पास चीनी, मलय और भारतीयों की जातीय व धार्मिक खिचड़ी थी, जो कभी भी भड़क सकती थी। ये सब ऐसे नगर राज्य में इकट्‌ठे हो गए थे, जिसमें कोई प्राकृतिक संसाधन नहीं थे।
* 'भारत से निराश थे ली कुआन'
बतौर पीएम ली ने सिंगापुर में कई सुधार किए जिसमें मलायन ट्रेड था। 28 नवंबर को 1990 में जब 31 साल बाद उन्होंने सिंगापुर के पीएम पद से इस्तीफा दिया तब तक वह सबसे लंबे समय तक पीएम पद पर बने रहने वाले व्यक्ति बन चुके थे।

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