इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के चेयरमैन एन. श्रीनिवासन ने प्रेसिडेंट मुस्तफा कमाल द्वारा वर्ल्ड कप-2015 की विजेता टीम को ट्रॉफी देने पर रोक लगा दी है। मुस्तफा कमाल ने क्वार्टर फाइनल में भारत के हाथों बांग्लादेश की हार के बाद आईसीसी पर पक्षपात का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि आईसीसी ने जानबूझकर बांग्लादेश को क्वार्टर फाइनल में हराया है। मीडिया सूत्रों के अनुसार, वर्ल्ड कप विजेता टीम को अब खुद चेयरमैन श्रीनिवासन ट्रॉफी देंगे।
हालांकि, श्रीनिवासन के इस फैसले के खिलाफ कमाल गोलबंदी में जुट गए हैं। वह आईसीसी के दूसरे पैनल मेंबर्स से इस फैसले के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बारे में मुस्तफा कमाल ने श्रीनिवासन पर आईसीसी के नियमों के उलंघन करने का आरोप लगाया है। बता दें कि वर्ल्ड कप-2015 के क्वार्टर फाइनल में टीम इंडिया के हाथों हार के बाद बांग्लादेशी फैंस से लेकर देश की प्रधानमंत्री शेख हसीना तक ने विरोध जताया था। हसीना ने तो यहां तक कह दिया कि भारत ने यह मैच अंपायर्स की मदद से जीता है। दरअसल, सारा विवाद पाकिस्तान अंपायर अलीम डार द्वारा भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा को 90 के स्कोर पर नॉट आउट देना था। रोहित शर्मा ने शॉट खेला, जो सीधे फील्डर के हाथ में गया। हालांकि, डार ने बॉल को कमर की हाइट से ऊपर बताते हुए नो बॉल करार दिया। इसके अलावा, शिखर धवन द्वारा बाउंड्री लाइन पर पकड़े गए एक कैच को लेकर भी विवाद था। हालांकि, इस मामले में फैसला टीवी अंपायर ने दिया था।

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