Friday, 27 March 2015

एबीवीपी की छात्र रैली में आर ब्लॉक बना अखाड़ा, एसएसपी ने थामी बंदूक

राज्य सरकार के खिलाफ छात्र रैली करने राज्य भर से पटना में जुटे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच गुरुवार को झड़प इतनी बढ़ गई कि एसएसपी जितेंद्र राणा भी भीड़ कंट्रोल करने आर ब्लॉक पर उतर गए।

विधानसभा घेराव को निकले एबीवीपी कार्यकर्ता गांधी मैदान से आर ब्लॉक तो पहुंच गए, लेकिन यहां पुलिस ने जब उनको रोकने का प्रयास किया तो उग्र हो गए। पत्थर उठा लिया और पुलिस पर बरसाना शुरू कर दिया। पुलिस ने पहले बचने का प्रयास किया, फिर पत्थरों से जवाबी हमला कर दिया। इतने से भी बात न बनी तो हवा में फायरिंग भी हुई। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद पूरा आर ब्लॉक पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत से अव्यवस्थित हो गया। आने जाने वाले राहगीर भी इस चपेटे में आए। कुछ पुलिस के जवानों को चोट लगी तो कई एबीवीपी कार्यकर्ता भी घायल हुए।

विधानसभा भी पहुंचे कार्यकर्ता, वहां भी लाठीचार्ज

एबीवीपी के पूर्व घोषित आंदोलन की शुरुआत गुरुवार को गांधी मैदान में सभा के साथ हुई। यहां एबीवीपी के राष्ट्रीय स्तर के नेता श्रीहरि बोरिकर, सुनील आंबेकर, केएन रघुनंदन के साथ राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य पप्पू वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता-नेता मौजूद रहे। यहां से एबीवीपी कार्यकर्ताओं के दो काफिले निकले जिसमें एक आर ब्लॉक पहुंचा जबकि दूसरा सीधे विधानसभा गेट तक पहुंच गया। जैसे ही कार्यकर्ता यहां पहुंचे वहां मौजूद सचिवालय थाना के पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और खदेड़ने लगे। लेकिन उग्र कार्यकर्ताओं ने थाना के गेट पर लगे एक बोर्ड को क्षतिग्रस्त कर दिया और विधानसभा में घुसने का प्रयास करने लगे। लेकिन पुलिस ने दबाव बढ़ाया और लाठीचार्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान श्रीहरि बोरिकर, पप्पू वर्मा के साथ लगभग 100 एबीवीपी कार्यकर्ता घायल हुए और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इसमें निखिल रंजन, अनिल दूबे और अमित शर्मा की स्थिति अधिक गंभीर होने के कारण उन्हें पीएमसीएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया।

जारी रहेगा आंदोलन, अब होगा बिहार बंद

एबीवीपी के आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज से फायरिंग तक पुलिस ने की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के घायल भी हुए। अब इस पुलिसिया कार्रवाई के विरोध के लिए एबीवीपी लगातार आंदोलन करने का निर्णय लिया है। घटना के बाद गुरुवार शाम को विश्व संवाद केंद्र में हुई एक प्रेस वार्ता में श्रीहरि बोरिकर ने बताया कि इस घटना के खिलाफ 27 मार्च को पूरे राज्य भर में राज्य सरकार का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद 29 मार्च को मशाल जुलूस निकलेगा और 30 मार्च को पूरा बिहार बंद रहेगा।

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