Tuesday, 31 March 2015

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय स्टूडेंट्स का एंबेसडर बना चंडीगढ़ का आनंद

अबोहर / चंडीगढ़ । एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने ऑस्ट्रेलिया गए चंडीगढ़ के आनंद कासनिया को ब्रिसबेन शहर के मेयर ने इंडियन स्टूडेंट्स का अंबेसडर बनाया है। आनंद ब्रिसबेन की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी में स्टडी कर रहे हैं। आनंद ने डीएवी स्कूल अबोहर से मैट्रिक और चंडीगढ़ के बाल निकेतन स्कूल से पढ़ाई की है। वह सितंबर 2013 मंे ऑस्ट्रेलिया गया था। आनंद कासनिया मूलरूप से अबोहर उपमंडल के गांव रामसरा निवासी अनूप कासनिया के बेटे हैं।

बता दंे कि ऑस्ट्रेलिया में विदेशों से पढ़ाई के लिए आने वाले स्टूडेंट्स के लिए प्रत्येक देश से एक स्टूडेंट एम्बेसडर चुना जाता है। यह अंबेसडर अपने देश के स्टूडेंट्स की पैरवी शिक्षण संस्था व सरकार के सामने करता है। ऑस्ट्रेलिया में 24 देशों के स्टूडेंट्स स्टडी के लिए जाते हैं। इनमें से सिर्फ ब्रिसबेन शहर में भारत तथा अन्य देशों के 75 हजार स्टूडेंट्स पढ़ाई करने जाते हैं।
विदेश में दोनों भाइयों ने बनाए रिकॉर्ड| अबोहर सब डिवीजन के गांव रामसरा के बाशिंदे चौधरी अनूप कासनिया के दो बेटे ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए गए। बड़े बेटे राघव कासनिया ने सस्टेनेबल एवं रिन्युएबल एनर्जी विषय पर डिग्री कोर्स करने के बाद वहां की स्थायी नागरिकता हासिल कर ली है। राघव उपरोक्त विषय में डिग्री हासिल करने वाला पहला भारतीय है तो आनंद सबसे कम उम्र और महज डेढ़ साल में स्टूडेंट एम्बेसडर बना है। आनंद ब्रिसबेन में पहुंचने वाले किसी भी भारतीय नेता या प्रतिनिधि की अधिकृत रूप से अगुवाई करेगा।
भारतीय ड्रेस में हासिल किया सर्टिफिकेट
विदेशी स्टूडेंट एम्बेसडरों को सर्टिफिकेट देने के लिए आयोजित समारोह में अपने देश की ड्रेस में आने की छूट थी। ऐसे में आनंद कासनिया ने कुर्ता-पजामा व जैकेट पहनकर मेयर से सर्टिफिकेट लिया। अबोहर के साउथ एवेन्यू में रहने वाले अनूप कासनिया और उनकी पत्नी को अपने दोनों बेटों पर गर्व है। दोनों ने ऑस्ट्रेलिया जैसे देश में जाकर अपने देश का नाम रोशन किया।

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