Tuesday, 31 March 2015

पटनाः मोदी की तरह शाह की रैली में भी थी धमाके की योजना, पहले ही हो गया ब्लास्ट

पटना. बिहार की राजधानी पटना में सोमवार देर रात एक फ्लैट में हुए बम धमाके के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल में होने वाली बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के दौरान धमाके करने की योजना थी, लेकिन इस वारदात को अंजाम देने के लिए बम बनाते वक्त सोमवार को ही धमाका हो गया।
जानकारी के मुताबिक, लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की रैली में ब्लास्ट किए गए थे, कुछ उसी तरह की घटना को अंजाम देने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस को घटनास्थल से उसी कंपनी की घड़ियां मिली हैं, जिस कंपनी की घड़ी का इस्तेमाल पटना के गांधी मैदान में किए गए धमाके में किया गया था। बम ब्लास्ट की जांच कर रही एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, धमाकों की तैयारियां को अंतिम रूप देने के लिए कई बार दूसरे प्रदेशों से संदिग्ध आतंकी आ चुके थे। बता दें कि पटना सिटी बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी के एमआईजी सेक्टर 12 के तीसरे फ्लोर स्थित फ्लैट में सोमवार रात बम ब्लास्ट हुआ था। मौके पर किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, धमाके के बाद संदिग्ध मौके से फरार हो गए।
और कई रैलियां भी होनी थीं 
पटना में अप्रैल में ही लोक जनशक्ति पार्टी सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान तथा पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की भी रैलियां होनी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक महीने से पटना में सीरियल धमाके की तैयारी चल रही थी। पुलिस इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस फ्लैट में बम बनाने का काम होता था। सोमवार रात को भी यहां कुछ युवक बम बना रहे थे, जिस दौरान धमाका हो गया।
पुलिस को मौके से मिले थे शक्तिशाली बम 
सोमवार की घटना के बाद पुलिस को मौके से तीन बमों के अलावा एक किलो अमोनियम नाइट्रेट (विस्फोटक), लोटस कंपनी की टेबल घड़ी, लोहे के टुकड़े, बेयरिंग आदि मिले। पुलिस के मुताबिक, जो धमाका हुआ, वो बेहद कम तीव्रता का था, लेकिन जो मौके से तीन अन्य बम बरामद हुए, वे बेहद शक्तिशाली थे। ऐसे बमों का इस्तेमाल आतंकी संगठन करते हैं।
लोगों ने पहले ही दी थी सूचना 
घटना के बाद जांच के लिए पटना पहुंची एनआईए और एटीएस की टीम ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं। एनआईए ने पटना पुलिस से धमाके की जांच की रिपोर्ट भी मांगी है। उधर, जिस फ्लैट में धमाका हुआ, उसके आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि कमरे पर हमेशा जश्न सा माहौल रहता था। वहां अक्सर 8-10 लड़के आते थे। ये लड़के चार-पांच घंटे तक रहते, फिर चले जाते थे। इस दौरान तेज आवाज में गाने बजाए जाते थे। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी।

No comments:

Post a Comment

Ads Inside Post