Saturday, 28 March 2015

जीना यहां मरना यहां,भाजपा के सिवा जाना कहां : सुशील मोदी

पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के संसदीय जीवन के 25 साल पूरा होने पर अभिनंदन समारोह, मोदी बोले
पटना : संसदीय जीवन के लगातार 25 साल पूरा होने पर आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हारता तो सत्ता है, विपक्ष की कभी हार नहीं होती है. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को हराया जा सकता है. यह विश्वास आपातकाल के बाद इंदिरा गांधी और संजय गांधी की हार के बाद हुआ. यदि जनता चाहे, तो सत्ता बदल सकती है. उन्होंने कहा कि राजनीति में आज जो भी हूं, वह आरएसएस और विद्यार्थी परिषद के कारण हूं. अन्यथा इतनी दूर तक नहीं आता. खासकर, आरएसएस के तीन साल का सर्वोच्च प्रशिक्षण मिलने के बाद ही यह संभव हुआ.
गोविंदाचार्य का बड़ा योगदान : जेपी के सानिध्य में काम करने की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे राजनीतिक जीवन में गोविंदाचार्य का बड़ा योगदान है. उन्होंने ही इस मिट्टी को मूरत के रूप में ढालने का काम किया. मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति से सीखा जा सकता है. किसी घटना के बाद तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंचना कपरूरी ठाकुर से सीखा. राम लखन सिंह यादव से शादी विवाह के निमंत्रण में शामिल होना सीखा. वे तीन बजे सुबह तक शादी समारोह में शामिल होते थे.
पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र से सीखा आंकड़ों का प्रयोग : पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र से भाषण में आंकड़ों के उपयोग करना सीखने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उनके आंकड़ों को छह माह तक हम उपयोग करते रहे. मोदी ने कहा कि सीखने की प्रवृत्ति होनी चाहिए. सीखने की प्रक्रिया जीवन भर चलनी चाहिए. अपने माता-पिता का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि आज मैं यहां तक पहुंचा हूं, इसमें पत्नी और बच्चों की भी भूमिका है. उनके सहयोग के बिना यह संभव नहीं था.
दो झटके, जिसने किया स्तब्ध : संसदीय जीवन में दो झटके लगने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार विधानसभा में जब इंदर सिंह नामधारी, समरेश सिंह समेत 13 लोग लालू यादव जिंदाबाद का नारा लगाते हुए सदन से बाहर निकले तो स्तब्ध रह गया. दूसरी बार जब राबड़ी देवी सीएम बनी, तो स्तब्ध रह गया था कि ऐसा भी हो सकता है.
कठिन था लालू-राबड़ी का विरोध: वर्ष 1995 से 2000 के काल को कठिन समय बताते हुए उन्होंने कहा कि उस समय लालू और राबड़ी का विरोध करना कठिन था. विधानसभा में 20-25 विधायकों का ग्रुप होता था. जो बोलने नहीं देता था. एक-एक घंटा तक नारेबाजी करने के बाद भी सदन की कार्यवाही चलती रहती थी. मोदी ने कहा कि लंबे संसदीय जीवन के अनुभव से कह सकता हूं कि राजनीति में कोई किला नहीं, जिसे फतह नहीं किया जा सकता है. नरेंद्र मोदी को भोज का न्योता वापस लेने के वक्त को कठिन वक्त बताते हुए उन्होंने कहा कि जंगल राज को रोकने के लिए अपमान का घूंट पीकर रह गया. मोदी ने कहा कि मैं यहीं (भाजपा) में पैदा हुआ हूं और मेरा जनाजा भी यहीं से निकलेगा.
संघ ने दिया मौका
25 साल के संसदीय जीवन के अनुभव की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगता है, तो मैं कहता हूं कि टिकट मिलना लॉटरी होता है. जेपी मूवमेंट के दौरान वे जेल में बंद थे. उस समय संघ ने चुनाव लड़ने का मौका दिया, पर उनकी उम्र मात्र साढ़े तेइस साल की थी. इसलिए वे संसद का चुनाव नहीं लड़ सके.
वर्ष 1980 में चुनाव लड़ते, पर विद्यार्थी परिषद ने तय किया कि चुनाव नहीं लड़ना है. वर्ष 1990 में चुनाव लड़ना चाहते थे, पर टिकट की उम्मीद नहीं थी. हरेंद्र पांडेय ने कहा कि चुपचाप नामांकन कर दिया जाये. गुप्त रूप से नोमिनेशन किया और बाद में उनके नाम पर ही सहमति बनी. वर्ष 1995 के चुनाव के बाद अचानक विरोधी दल का नेता बनने का मौका मिल गया. उन्होंने कहा कि मैं सांसद था. अचानक शरद यादव ने कहा कि आपको बिहार का उपमुख्यमंत्री बनना है. मैंने कहा कि आप दूसरे दल में हैं और मैं दूसरे दल में हूं. यह कैसे हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि तुम्हें डिप्टी सीएम बनना है. विधायकों ने मेरे पक्ष में मत दिया और मैं डिप्टी सीएम बन गया
जो मित्र नहीं उसकी भी चिंता करते : शाहनवाज
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि सुबह से शाम तक मोदी की गुणों की चर्चा की जाये तब भी पूरा नहीं होगा. इन्हें मित्रों की चिंता तो रहती ही हैं, जो मित्र नहीं भी हैं, उसकी भी ये चिंता करते हैं. आपसे राज्य की 10 करोड़ जनता को अभी बहुत उम्मीद है.
जनता की सेवा से बनायी पहचान : रामकृपाल
केंद्रीय राज्य मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि जनता की सेवा से मोदी ने पहचान बनायी है. राज्य की जनता को उम्मीद है कि आपके कुशल नेतृत्व में बिहार बुलंदी के साथ बढ़ेगा. इसी साल आपके नेतृत्व में बिहार में सरकार बने. उन्होंने मोदी को तामझाम व आडंबर से दूर रहने वाला नेता बताया.
संघर्ष में लगाया पूरा जीवन :मंगल
प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि आप पटना विवि में फस्र्ट क्लास सेकेंड टॉपर होते हुए भी भविष्य की चिंता नहीं की. संपूर्ण जीवन संघर्ष में लगा दिया. आपका एक एक पल संघर्ष में लगा है. पांडेय ने कहा कि आज बिहार की नयी परिस्थिति में आपके साथ हम सब संघर्ष कर रहे हैं.
समय की पहचान की हैं प्रेरणा : नंदकिशोर
छात्र आंदोलन के दिनों संघर्ष में मोदी जी के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि आपने पुलिस की लाठी और जेल यातना को सहा है. मोदी से समय की पहचान की प्रेरणा मिलती है. ये एक-एक मिनट समय का हिसाब रखते हैं. बिहार में अनैतिक गंठबंधन की सरकार चल रही है. इस गंठबंधन की सरकार को परास्त कर भाजपा की सरकार बनाना है.
हम चाहते हैं कि आपका संसदीय जीवन बड़ा हो.
देते हैं नये आइडिया
केंद्रीय आइटी और संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चारा घोटाला और अलकतरा घोटाला के दौरान 15-15 दिनों तक तथ्यों के संग्रह करने की जानकारी देते हुए कहा कि वे 1990 के चुनाव में इनके लिए कार्यकर्ता के रूप में काम किया. जंगल राज के दिनों में आंदोलनों में जहां मैं अदालत में आगे रहता था तो ये सड़क पर हमसे आगे रहते थे. मोदी की कार्य शैली की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जब हमें अपनी विभाग में कामकाज को लेकर नया कुछ करना होता है तो मैं इनसे बात करता हूं. इनसे नया आइडिया मिलता है. उन्होंने कहा कि देश की विकास दर आठ माह में जी 20 देशों से आगे निकल गयी है. पूरी दुनिया में भारत की चर्चा हो रही है. 14 वें वित्त आयोग से बिहार को मिलनेवाले लाभ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गंठबंधन से भाजपा के अलग होते ही सुशासन का स्वर कमजेर हो गया है. भाजपा ही सुशासन का संबल थी. नीतीश कुमार जिस मंडली में गये हैं, जनता को मालूम है कि उस मंडली से आप क्या देंगे?
बड़ा है सुशील मोदी का व्यक्तित्व : मृदुला सिन्हा
गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा कि इनका व्यक्तित्व बड़ा है. इस अवसर पर उनकी पत्नी जेसी सुशील मोदी और दोनों पुत्र को भी साथ रहना चाहिए था. जेसी मोदी तो 30 साल से इनके साथ हैं. मोदी के एमएलए बनने के बाद भी स्कूटर से चलने की चर्चा की. उन्होंने एक कविता और गीत भी गाये.
सबसे पहले पहुंचते हैं मोदी: राधामोहन
इसके पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि पिछले 25 साल से बिहार में जहां भी कोई घटना घटती है, तो सबसे पहले सुशील कुमार मोदी वहां पहुंचते हैं. बिहार में जिस भाजपा को कैलाशपति मिश्र ने एक वृक्ष के रूप में सींचा. उस वृक्ष को मोदी ने फलदार वृक्ष के रूप में बदला. इनका संपूर्ण जीवन देश के लिए समर्पित है.
किताब के रूप में प्रकाशित होगा भाषण: अवधेश
विप सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि देश में अटल-आडवाणी अचानक नहीं बनता. यही बात आपके साथ भी है. जब विधान परिषद में आप बोलते हैं तो विपक्ष भी शांत होकर आपकी बातों को सुनता है. उन्होंने घोषणा की कि विधान परिषद में दिये गये भाषण को किताब के रूप में प्रकाशित किया जायेगा.
लंबी लकीर खींचने की उम्मीद : सरयू राय
झारखंड सरकार के मंत्री सरयू राय ने कहा कि आज खुशी का दिन है. 25 साल कैसे बीत गया, पता ही नहीं चला. हमें संतोष है कि जिसके साथ काम किया वह यहां तक पहुंचा है. मोदी के लिए आने वाले समय में प्रगति की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि आपसे बिहार में एक लंबी लकीर खींचने की हमलोग उम्मीद करते हैं.
गोपाल नारायण सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
मोदी दृढ़ संकल्पित और कर्म निष्ठ हैं. उन्होंने कहा कि मोदी अपने का पीछे रख कर संगठन को आगे बढ़ाया है. जरूरत है कि मोदी के नेतृत्व में एकजुट होकर इनको मजबूत करें. विधानसभा में विपक्ष के  मुख्य सचेतक अरुण कुमार सिन्हा  ने भी सुशील मोदी के संसदीय जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें शुभकामना दी.
यह भी हुए शामिल
अभिनंदन समारोह में विधानसभा के उपसभापति अमरेंद्र प्रताप सिंह, गोवा के राज्पाल के  पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल सिन्हा,  भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता विनोद नारायण झा, एमएलसी लाल बाबू प्रसाद, सूरज नंदन कुशवाहा, पूर्व मंत्री प्रो सुखदा पांडेय, विनय बिहारी,सत्यदेव नारायण आर्य, डा प्रेम कुमार, सांसद आर के सिन्हा, डा संजय मयूख, सुधीर शर्मा, देवेश चंद्र ठाकुर.  आयोजन समिति के सदस्यों में पूर्व मंत्री रामाधार सिंह, हरेंद्र प्रताप पांडेय, मीडिया प्रभारी अशोक भट्ट, राजीव रंजन, राकेश कुमार सिंह, देवेश कुमार आदि मौजूद थे.

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