पिछले 5 में से 4 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया ने जीते हैं। लेकिन इस टीम को 2015 का वर्ल्ड कप दिलाने में कोच डेरेन लेहमैन की अहम भूमिका रही है। लेहमैन ने बतौर कोच ऑफ द फील्ड ट्रेनिंग पर ज्यादा जोर दिया। लेहमैन वही प्लेयर हैं जिन्होंने 1999 के फाइनल में आखिरी रन लिया था और 2003 के फाइनल में आखिरी कैच लिया था। दोनों मौकों पर ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड चैम्पियन बना था। जानिए लेहमैन ने इस बार फिटनेस ट्रिक्स और एडवांस टेक्नीक के जरिए कैसे रची ऑस्ट्रेलिया की कामयाबी की कहानी-
ब्रिस्बेन का नेशनल क्रिकेट सेंटर
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच शुरू होने से पहले ज्यादातर वक्त ब्रिस्बेन में बने नेशनल क्रिकेट सेंटर में बिताया। यह सेंटर कुछ ही महीने पहले 180 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। लेहमैन ने यहां टीम को आउटडोर से ज्यादा इनडोर ट्रेनिंग दिलवाई। शेन वॉर्न और स्टीव वॉ भी लेहमैन की खास गुजारिश पर टीम को गाइड करने आते थे। ट्रेनिंग सेशन शुरू करने से पहले लेहमैन किन्हीं एक-दो प्लेयर्स से जोक सुनाने या कोई फेवरेट रेसिपी शेयर करने को कहते थे। उन्होंने सभी प्लेयर्स से सबसे पहले फिटनेस पर जोर देने को कहा। लेहमैन ने ऑस्ट्रेलियन प्लेयर्स को 5 तरह की ट्रेनिंग करवाई-
1. एंटी-ग्रैविटी ट्रेडमिल : बॉलर्स और फील्डर्स के लिए
2. प्रो बैटर : बैट्समैन के लिए
3. वीडियो प्लेबैक सिस्टम : बैट्समैन के लिए
4. स्पिन टेक्नोलॉजी : फास्ट बॉलर्स और स्पिनर्स के लिए
5. स्विमिंग : स्टेमिना बढ़ाने के लिए

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