Tuesday, 31 March 2015

नरसिम्हा राव की समाधि बनवाएगी मोदी सरकार

कांग्रेस द्वारा बिसराए गए पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की मृत्यु के दस साल बाद मोदी सरकार ने अब इस दिवंगत नेता को उपयुक्त सम्मान देते हुए राजधानी में उनकी समाधि बनाने का प्रस्ताव किया है।

सूत्रों ने बताया कि एनडीए सरकार ने यमुना नदी के तट पर एकता स्थल पर राव का एक स्मारक बनाने का प्रस्ताव बनाया है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इस संबंध में एक कैबिनेट नोट तैयार किया है। यह नोट आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा यह प्रस्ताव मिलने के बाद तैयार किया गया है कि राव की याद में एक उपयुक्त स्मारक बनवाया जाना चाहिए। राव को देश में आर्थिक सुधारों का अग्रदूत समझा जाता है।

राव ने केंद्र में 1991 से 1996 के बीच कांग्रेस सरकार की अगुआई की थी। 2004 में उनकी मृत्यु के बाद कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने उनके लिए कोई स्मारक बनाने से इनकार कर दिया था।

यूपीए सरकार ने वास्तव में इस मामले में और आगे जाते हुए 2013 में यह निर्णय किया था कि किसी नेता के लिए अब अलग से कोई स्मारक नहीं बनेगा। इस निर्णय के पीछे उसने जगह की कमी का हवाला दिया था।

इसकी जगह पर स्थान की कमी के मद्देनजर एक साझा स्मारक स्थल बनाया गया। 22.56 एकड़ से अधिक भूमि में बना एकता स्थल विजय घाट एवं शांतिवन के बीच में यमुना नदी के पास स्थित है।

इस परिसर में फिलहाल पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल एवं चंद्रशेखर तथा पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह, शंकरदयाल शर्मा, केआर नारायणन एवं आर वेंकटरमण के स्मारक हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि समाधि परिसर में नौ स्मारक बनने हैं। छह बन चुके हैं, जबकि तीन अभी तक खाली हैं।

प्रस्ताव के अनुसार राव के स्मारक के रूप में संगमरमर का एक स्तंभ बनवाया जाएगा, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में एक पट्टिका लगाई जाएगी।

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