आम आदमी पार्टी में तमाम राजनीतिक फैसले लेने वाली पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (पीएसी) पहले से और भी मजबूत हो गई है। शनिवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भारी बवाल के बीच पीएसी के अधिकारों में और इजाफा कर दिया गया।
इससे यह साफ हो गया है कि अब आप में तमाम बड़े फैसले अब अन्य पार्टियों की तरह दिल्ली से ही लिए जाएंगे|अब जो भी पार्टी के खिलाफ जाकर आवाज उठाएगा, उसका पत्ता काट दिया जाएगा। एक तरह से देखा जाए तो 'आप' में भी अन्य पार्टियों की तरह पावर का विकेंद्रीकरण करने की बजाय उसका एक ही जगह और पहले से अधिक केंद्रीकरण कर दिया गया है। राष्ट्रीय परिषद की बैठक के पहले सेशन में जहां वोटिंग के जरिए योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, अजीत झा और प्रो. आनंद कुमार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर निकालने का फैसला किया गया, वहीं दूसरे सेशन में 5 अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
इससे यह साफ हो गया है कि अब आप में तमाम बड़े फैसले अब अन्य पार्टियों की तरह दिल्ली से ही लिए जाएंगे|अब जो भी पार्टी के खिलाफ जाकर आवाज उठाएगा, उसका पत्ता काट दिया जाएगा। एक तरह से देखा जाए तो 'आप' में भी अन्य पार्टियों की तरह पावर का विकेंद्रीकरण करने की बजाय उसका एक ही जगह और पहले से अधिक केंद्रीकरण कर दिया गया है। राष्ट्रीय परिषद की बैठक के पहले सेशन में जहां वोटिंग के जरिए योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, अजीत झा और प्रो. आनंद कुमार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर निकालने का फैसला किया गया, वहीं दूसरे सेशन में 5 अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

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