Monday, 30 March 2015

AAP: बागी हो सकते हैं दस MLA-दो सांसद, प्रो. आनंद बोले- बेडरूम तक जाएगी लड़ाई

वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई, आंतरिक लोकपाल को हटाने जैसे कड़े कदम उठाने के बावजूद आम आदमी पार्टी (आप) में आपसी कलह और बगावत थमने का नाम ही नहीं ले रही है। जानकारी के मुताबिक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दस विधायक और दो सांसद मोर्चा खोल सकते हैं। ऐसे में पहले से ही प्रशांत-योगेंद्र खेमे के कारण बगावत का समाना कर रहे पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
इस बीच राष्ट्रीय परिषद की बैठक से निकाले गए प्रो. आनंद कुमार ने केजरीवाल के साथ लड़ाई और गंभीर होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ''आम आदमी पार्टी में आपसी विवाद अब किसी भी स्तर पर जा सकता है। बात निकलेगी तो बहुत दूर तक जाएगी। लड़ाई अब बेडरूम, ड्राइंगरुम और रात के अंधेरों तक जाएगी।'' बता दें कि मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं जिसमें आप नेता कवि कुमार विश्वास पर पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान एक पार्टी कार्यकर्ता से अवैध संबंध रखने का आरोप लगा है।
विरोधियों को संसदीय सचिव बनाए जाने से नाराज हैं विधायक 
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दस विधायक दिल्ली के सीएम केजरीवाल से खुश नहीं है और वह मौके का इंतजार कर रहे हैं। इन विधायकों ने आप नेतृत्व को चेतावनी दी है कि उनके विरोधियों को दिल्ली में संसदीय सचिव बना कर मंत्री का दर्जा दिया जा रहा है जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। बता दें कि संसदीय सचिव के पद पर बैठे व्यक्ति को मंत्री के बराबर का दर्जा मिलता है जिसके तहत गाड़ी, एक व्यक्तिगत सहायक, विधानसभा क्षेत्र के तहत कार्यालय की सुविधा होती है।
केजरीवाल ने कहा-पार्टी में सबकुछ ठीक
इस बीच सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी में सबकुछ ठीक है। उन्होंने सोमवार को दिल्ली में कहा, ''पार्टी में सबकुछ ठीक है।'' बता दें कि पीएसी के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाले जाने के बाद प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव की ओर से बैठक में मारपीट का आरोप लगाया गया था। साथ ही रविवार को पार्टी ने केजरीवाल को जो बैठक मीडिया में जारी किया उसे एडिट होने का आरोप भी बागी नेताओं ने लगाया था। बागी नेताओं को कहना है कि 15 मिनट का हिस्सा जारी वीडियो में नहीं है जिसमें केजरीवाल के इशारे पर विधायक बैठक में हंगामा कर रहे थे। इस संबंध में सोमवार को प्रशांत भूषण ने कहा, ''आप अपने सिद्धांतों से भटक गई है। आंतरिक लोकपाल के पद से एडमिरल रामदास को हटाया जाना इस बात का संकेत है कि पार्टी में वही रहेगा जो केजरीवाल की हां में हां मिलाएगा।''
जब केजरीवाल का भाषण दिखाया जा सकता है तो पूरी बैठक का वीडियो क्यों नहीं: बीजेपी
आप की आपसी कलह में बीजेपी भी कूद पड़ी है। बीजेपी प्रवक्ता नलिनी कोहली ने कहा कि आप के कुछ नेता बैठक में मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, इसे लेकर अरविंद केजरीवाल को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''जब पार्टी केजरीवाल के भाषण का वीडियो जारी कर सकती है तो इसका मतलब है कि पूरी बैठक का वीडिया बनाया गया है। ऐसे में पार्टी को स्थिति स्पष्ट करते हुए पूरा वीडिया जारी किया जाना चाहिए। क्योंकि अगर किसी नेता से मारपीट हुई है तो फिर यह गलत है।''
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी केजरीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिस लोकपाल को लेकर केजरीवाल इतना हो हल्ला करते थे आज उसी लोकपाल को अपनी पार्टी के भीतर से हटा दिया। यह बेहद ही गलत है। उन्हें अपने मुद्दों को स्पष्ट करना चाहिए।

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